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By  PALLAVI...
posted : Tue/Aug 03, 2021, 08:23 AM - IST

डिस्कस थ्रो में... / Date:- 31 jule 2021: टोक्यो ओलिंपिक से शनिवार को भारत के लिए सबसे अच्छी खबर एथलेटिक्स से आई है, जहां महिलाओं के डिस्कस थ्रो इवेंट में भारत की कमलप्रीत कौर ने फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। कमलप्रीत ने 64 मीटर का डिस्कस फेंका और क्वालिफिकेशन राउंड में दूसरे नंबर पर रहीं। क्वालिफिकेशन में कमलप्रीत से आगे सिर्फ अमेरिका की डिस्कस थ्रोअर रहीं, जिन्होंने 66 मीटर से ज्यादा दूरी तक डिस्कस फेंका। ये कमलप्रीत का पहला ओलिंपिक है, और अपने ओलिंपिक डेब्यू पर ही उन्होंने भारत के लिए मेडल की उम्मीद जगा दी है। इसी इवेंट में चौथा ओलिंपिक खेल रहीं एक और भारतीय एथलीट सीमा पुनिया फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। सीमा ने अपने दूसरे प्रयास में 60.57 मीटर तक डिस्कस फेंका। लेकिन ये दूरी उन्हें फाइनल का टिकट नहीं दिला सकी।



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By  PALLAVI...
posted : Fri/Jul 30, 2021, 05:51 AM - IST

नए लुक में नज़र आए... / दिल्ली / भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हाल में अपने लुक को लेकर काफी चर्चा में है। महीने में दूसरी बार माही का नया लुक लोगों के सामने आया है। धोनी ने हाल में अपना 40वें बर्थडे सेलिब्रेट किया है। जिसमें वे सफेद दाढ़ी और काली मूछ में नजर आए। धोनी ने इस खास दिन का जश्न पत्नी साक्षी, बेटी जिवा के अलावा अपने करीबी दोस्तों के साथ मनाया। इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद यह धोनी का पहला बर्थडे था।महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर क्रिकेट के मैदान पर दिखेंगे। यूएई में आईपीएल के दूसरे हिस्से के लिए एमएस धोनी जल्द ही चेन्नई सुपर किंग्स के कैंप के साथ जुड़ेंगे। बता दें कि आलिम हकीम की गिनती देश के जाने-माने हेयरस्टाइलिस्ट के रूप में होती है। बॉलीवुड के बड़े सितारे हो या फिर टीम इंडिया के स्टार्स प्लेयर्स अक्सर आलिम हकीम के पास जाकर खुद को नया लुक देते हुए नजर आए हैं। माही ने कुछ दिन पहले ही अपना वजन घटाया था जिसके बाद उनकी तस्वीर वायरल हुई थी। अब एक नए हेयर स्टाइल के साथ पूर्व भारतीय कप्तान सामने आए हैं। धौनी का हेयर कट उनके पसंदीदा हेयर डिजाइनर ने किया है। आलीम हकीम ने माही का नया हेटर स्टाइल रॉक स्टार जैसा किया है।   



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By  PALLAVI...
posted : Fri/Jul 30, 2021, 05:47 AM - IST

ट्विटर पर मोदी बने... / विश्व के शक्तिशाली नेता के रूप में उभरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और मील का पत्थर हासिल किया है। बुधवार को उनके ट्विटर हैंडल पर 70 मिलियन फॉलोअर्स हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी दुनिया में ट्विटर पर सबसे ज्यादा फॉलो किये जाने वाले राजनेता बन गए हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट सस्पेंड होने के बाद पीएम मोदी ट्विटर पर सबसे ज्यादा फॉलो किये जाने वाले ग्लोबल नेताओं में से एक बन गए हैं।प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान 2009 में लोगों से जुड़ने के लिए ट्विटर का इस्तेमाल करना शुरू किया था। जुलाई 2020 में प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर 60 मिलियन फॉलोअर्स का आंकड़ा पार किया था। पीएम मोदी 2,349 लोगों को फॉलो करते हैं। पीएम मोदी के बाद पोप फ्रांसिस के ट्विटर पेज पर 53 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स है। जुलाई 2020 में पीएम मोदी के ट्विटर फॉलोअर्स ने 60 मिलियन का आंकड़ा पार कर लिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के 30.9 मिलियन फॉलोअर्स हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के ट्विटर पर 129.8 मिलियन फॉलोवर्स हैं। जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के 7.1 मिलियन ट्विटर फॉलोवर्स हैं।   



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By  PALLAVI...
posted : Wed/Jul 28, 2021, 06:18 AM - IST

राज कुंद्रा की... / राज कुंद्रा पर आइपीसी धारा 420(धोखेधड़ी),34, 292 और 293 और  आईटी अधिनियम की संबंधित धारा और महिला अधिनियम के अभद्र दमन के तहत मामला दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रांच ने राज कुंद्रा,  शिल्पा शेट्टी और कंपनी से जुड़े अन्य लोगो के बैंक अकाउंट के जांच के लिए फोरेंसिक ऑडिटर को नियुक्त किया है ।  पॉर्न रैकेट केस में राज कुंद्रा की जमानत याचिका खारिज हो गई है। राज कुंद्रा की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। राज कुंद्रा को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था, जिसके बाद राज कुंद्रा ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी। ये अर्जी उनके वकील ने लगाई थी लेकिन आज राज कुंद्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। पोर्नोग्राफी मामले में राज कुंद्रा को मुंबी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। उन्हें इस केस का मुख्य आरोपी बताया गया है। राज की करतूतों का असर अब शिल्पा शेट्टी के करियर पर भी दिखने लगा है।  उन पर हाल ही में गिरफ्तारी से बचने के प्रयास में मुंबई पुलिस के अधिकारियों को कथित तौर पर 25 लाख रुपए की रिश्वत देने का भी आरोप लगा।  



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By  Maahi Newser
posted : Thu/Aug 20, 2020, 09:56 AM - IST

New Delhi / जानिए नई शिक्षा... / नई शिक्षा नीति सरकार द्वारा शिक्षा को लेकर की जाने वाली नए बदलाओं से है जिसमें देश में शिक्षा को लेकर आने वाले समय को लेकर विज़न तैयार करना एवं उसे लागू करना है। जानकारों के अनुसार हर दस से पंद्रह साल में ऐसी नीति बनाई जानी चाहिए परंतु इस बार नई शिक्षा नीति को बनने में 34 साल लग गए। देश में सबसे पहली शिक्षा नीति सन 1968 में इंदिरा गांधी द्वारा शुरू की गई थी। भारत में नई शिक्षा नीति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट से मंजूरी 29 जुलाई, 2020 को मिली। इसमें पाँचवी तक की शिक्षा मातृभाषा में होगी। इस नई नीति में शिक्षा पर सकल घरेलू उत्पाद का छः प्रतिशत भाग खर्च किया जाएगा। केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए साल 2030 तक का लक्ष्य रखा है। आइये जानते हैं नई शिक्षा नीति 2020 में शामिल मुख्य बिन्दुओं के बारे में- अब 1 से लेकर पाँचवी तक की शिक्षा स्थानीय भाषा या मात्रभाषा में होगी। इसमें अँग्रेजी, हिन्दी जैसी विषय शामिल होंगे परंतु पाठ्यक्रम स्थानीय भाषा या मातृभाषा में होंगे। नई शिक्षा नीति 2020 में सकल घरेलू उत्पाद का छः प्रतिशत खर्च किए जाएंगे जबकि यह पहले केवल 4.43 प्रतिशत थी। देश में चलने वाली 10+2 पद्धति में बदलाव होगा। नई नीति में ये 5+3+3+4 के हिसाब से होगा जिसमें 5 का मतलब है तीन साल प्री स्कूल और कक्षा-1 और कक्षा-2, 3 का मतलब है कक्षा-3, 4 और 5, अगले 3 का मतलब है कक्षा6, 7 और 8 तथा अंतिम के 4 का मतलब है कक्षा-9, 10, 11 और 12। मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है। रमेश पोखरियाल निशंक अब देश के शिक्षा मंत्री हैं। बोर्ड परीक्षाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन इन्हें ज्ञान आधारित बनाया जाएगा। लॉ और मेडिकल एजुकेशन को छोड़कर अन्य समस्त उच्च शिक्षा के लिए एकल निकाय के रूप में भारत उच्च शिक्षा आयोग यानि HECI का गठन किया जाएगा. अर्थात उच्च शिक्षा के लिए एक सिंगल रेगुलेटर रहेगा. नई शिक्षा नीति में रिपोर्ट कार्ड तैयार करने के तीन हिस्से होंगे. जिसमें पहले बच्चा अपने बारे में स्वयं मूल्यांकन करेगा, दूसरा उसके सहपाठियों से होगा और तीसरा अध्यापक के जरिए। अंडर ग्रेजुएट कोर्स को अब 3 की बजाए 4 साल का कर दिया गया है। छात्र अभी भी 3 साल बाद डिग्री हासिल कर पाएंगे, लेकिन 4 साल का कोर्स करने पर, सिर्फ 1 साल में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की जा सकेंगी. 3 साल की डिग्री उन छात्रों के लिए, जिन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं करना है. कक्षा छः से ही छात्रों को कोडिंग भी पढ़ाई जाएगी, जो कि स्कूली शिक्षा पूरी करने तक उनके कौशल विकास में सहायक होगी। इसके लिए इच्छुक छात्रों को छठवीं कक्षा के बाद से ही इंटर्नशिप करायी जाएगी. म्यूज़िक और आर्ट्स को पाठयक्रम में शामिल किया जायेगा। ग्रेजुएशन कोर्स के तीनों साल को प्रभावी बनाने हेतु उत्तम कदम उठाया गया है जिसके तहत 1 साल बाद सर्टिफिकेट, 2 साल बाद डिप्लोमा और 3 साल बाद डिग्री हासिल की जा सकेगी। ई-पाठ्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक टेक्नोलॉजी फोरम यानि NETF बनाया जा रहा है जिसके लिए वर्चुअल लैब विकसित की जा रहीं हैं। MPhil को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है, अब MA के बाद छात्र सीधे PhD कर पाएंगे। नई शिक्षा नीति में सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु है मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम का लागू होना। इसके तहत 1 साल के बाद पढ़ाई छोडने पर सर्टिफिकेट, दो साल के बाद डिप्लोमा और तीन-चार साल के बाद पढ़ाई छोडने के बाद डिग्री मिल जाएगी। नई शिक्षा नीति 2020 में प्राइवेट यूनिवर्सिटी और गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी के नियम अब एक होंगे। देश में अनुसन्धान को बढ़ावा देने के लिए शीर्ष निकाय के रूप में नेशनल रिसर्च फ़ाउंडेशन (NRF) की स्थापना की जाएगी। यह स्वतंत्र रूप से सरकार के द्वारा, एक बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स द्वारा शासित होगा और बड़े प्रोजेक्टों की फाइनेंसिंग भी करेगा। नई नीति स्कूलों और एचईएस दोनों में बहुभाषावाद को बढ़ावा देती है. राष्ट्रीय पाली संस्थान, फारसी और प्राकृत, भारतीय अनुवाद संस्थान और व्याख्या की स्थापना की जाएगी।



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By  Avis Avis
posted : Thu/Aug 20, 2020, 11:50 AM - IST

Delhi / सुशांत सिंह राजपूत... / एक जाने माने प्रतिभावान अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की अचानक मौत की खबर ने पूरे देश को चौंका दिया। आत्महत्या के नाम पर सुशांत के फैंस और परिवार वालों ने आपत्ति जताई और बिहार सरकार से CBI जांच की मांग की। जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगा दी है। अब सभी की निगाह CBI पर टिकी हुई है। उच्चतम न्यायालय ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के संबंध में जांच CBI को सौंप दिया है। पटना में दर्ज सुशांत मामले की जांच सीबीआई से कराने की बिहार सरकार की सिफारिश को बुधवार को सही ठहराया। बता दें कि सुशांत के पिता कृष्ण किशोर सिंह ने पटना में सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज कराई थी। न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की एकल पीठ के फैसले के अनुसार बिहार सरकार इस मामले को जांच के लिए सीबीआई को हस्तांतरित करने में सक्षम थी। उनके अनुसार राजपूत के पिता की शिकायत पर बिहार पुलिस द्वारा मामला दर्ज करना सही था और इसे सीबीआई को सौंपना विधिसम्मत था। सुशांत सिंह राजपूत मामले में सीबीआई ने कहा, सुशांत सिंह की मौत से जुड़ी जांच जारी है और अब आगे की जांच की जाएगी। इसके लिए टीम मुंबई जाएगी उसके बाद आगे की कार्यवाही शुरू नए सिरे से शुरू की जाएगी। मुंबई पहुंचने पर जांच अधिकारी सबसे पहले बांद्रां कुर्ला कांप्लेक्स स्थित अपने हेड आफिस पहुंचेंगे। इसके बाद ये टीम मुंबई पुलिस जो सुशांत केस पर काम कर रहे थे, के जोन-09 के नोडल अधिकारी से मिलने पहुँचेगी। बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) के कमिश्नर इकबाल सिंह के अनुसार अगर सीबीआई सात दिनों के लिए मुंबई आती है तो उसे क्वारंटीन से छूट मिलेगी और ज्यादा के लिए आती है तो इसके लिए ईमेल आईडी के माध्यम से अप्लाइ करना होगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीबीआई के अधिकरी मुंबई स्थित सुशांत सिह राजपूत के घर भी जा सकते हैं, जहां खुदकुशी के सीन को एक बार फिर से रिक्रिएट किया जा सकता है. खबर है आज दोपहर तक सीबीआई की टीम मुंबई पहुंचेगी। इस दौरान जांच अधिकारी मुंबई पुलिस से 56 लोगों से हुई पूछताछ का विश्लेषण करेगी। CBI को जांच सौंपने से सुशांत के फैंस और परिवार वाले खुश हैं।



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By  Avis Avis
posted : Thu/Aug 20, 2020, 12:24 PM - IST

New Delhi / सुशांत सिंह राजपूत... / एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत का रहस्य जैसे का तैसा बना हुआ है। मौत के 66 दिनों के बाद भी किसी भी तरह के पुख्ता जवाब न दे पाने के कारण मुंबई पुलिस भी अब सवालों के घेरे में है। सुशांत मामले में CBI जांच को मंजूरी मिलने के बाद इन्हीं कुछ सवालों के जवाब ढूँढने CBI की टीम मुंबई पहुंची। जानिए कौन से वे दस बड़े सवाल है- सुशांत की मौत आत्महत्या है या मर्डर? क्या सुशांत को सचमुच डिप्रेसन था? सुशांत के 15 करोड़ आखिर कहाँ गए? सुशांत की मौत में रिया की भूमिका? दिशा और सुशांत की मौत का संबंध है या नहीं? चश्मदीदों के जवाब कितने सच हैं? सुशांत के डायरी के पन्ने आखिर किसने फाड़े? 66 दिन तक मुंबई पुलिस ने FIR क्यों दर्ज नहीं की? बॉलीवुड से जुड़े लोगों की क्या भूमिका रही? और सुशांत के स्टाफ की क्या भूमिका रही?



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By  Avis Avis
posted : Thu/Aug 20, 2020, 01:11 AM - IST

fsadf / साथी ने चाकू से... / यूपी में आगरा के सरोजनी नायडू  मेडिकल कॉलेज से MBBS पास कर चुकी महिला डॉक्टर की हत्या का खुलासा हो गया है। उसके साथी ने ही चाकू से तड़पा-तड़पा कर लेडी डॉक्टर की हत्या की। आरोपी डॉ. विवेक तिवारी ने कुबूल किया कि मृतक योगिता के साथ उसके 7 साल से रिलेशन थे। मंगलवार शाम को वह योगिता उससे मिलने जालौन से आगरा आया हुआ था। लेकिन जैसे ही वह उसकी कार में बैठी तो बहुत तेजी से झगड़ा शुरू हो गया जिससे तैश में आकार मैंने उसकी गर्दन दबा दी और फिर चाकू से भी कई बार वार किया और बॉडी को खाली प्लॉट में फेंक दिया। योगिता की डेडबॉडी शहर से दूर डौकी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बमरौली कटरा में एक खाली प्लॉट में मिली। मृतक योगिता गौतम दिल्ली की रहने वाली थी। उसके पिता और भाई दोनों ही डॉक्टर हैं। उन्होने बेटी के गायब होने का मुकदमा दर्ज कराया और आरोप लगाया कि जालौन मेडिकल कॉलेज का ऑफिसर डॉक्टर विवेक तिवारी उनकी बेटी को परेशान कर रहा था और जान से मारने की धमकी भी दे रहा था। पुलिस ने डौकी थाना क्षेत्र में आसपास लगे CCTV कैमरे को खंगाला तो योगिता की मौत की सच्चाई सामने आई। इस मामले में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।



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By  Maahi Newser
posted : Thu/Jan 01, 1970, 05:30 AM - IST

New Delhi / जानिए नई शिक्षा... / नई शिक्षा नीति सरकार द्वारा शिक्षा को लेकर की जाने वाली नए बदलाओं से है जिसमें देश में शिक्षा को लेकर आने वाले समय को लेकर विज़न तैयार करना एवं उसे लागू करना है। जानकारों के अनुसार हर दस से पंद्रह साल में ऐसी नीति बनाई जानी चाहिए परंतु इस बार नई शिक्षा नीति को बनने में 34 साल लग गए। देश में सबसे पहली शिक्षा नीति सन 1968 में इंदिरा गांधी द्वारा शुरू की गई थी। भारत में नई शिक्षा नीति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट से मंजूरी 29 जुलाई, 2020 को मिली। इसमें पाँचवी तक की शिक्षा मातृभाषा में होगी। इस नई नीति में शिक्षा पर सकल घरेलू उत्पाद का छः प्रतिशत भाग खर्च किया जाएगा। केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए साल 2030 तक का लक्ष्य रखा है। आइये जानते हैं नई शिक्षा नीति 2020 में शामिल मुख्य बिन्दुओं के बारे में- अब 1 से लेकर पाँचवी तक की शिक्षा स्थानीय भाषा या मात्रभाषा में होगी। इसमें अँग्रेजी, हिन्दी जैसी विषय शामिल होंगे परंतु पाठ्यक्रम स्थानीय भाषा या मातृभाषा में होंगे। नई शिक्षा नीति 2020 में सकल घरेलू उत्पाद का छः प्रतिशत खर्च किए जाएंगे जबकि यह पहले केवल 4.43 प्रतिशत थी। देश में चलने वाली 10+2 पद्धति में बदलाव होगा। नई नीति में ये 5+3+3+4 के हिसाब से होगा जिसमें 5 का मतलब है तीन साल प्री स्कूल और कक्षा-1 और कक्षा-2, 3 का मतलब है कक्षा-3, 4 और 5, अगले 3 का मतलब है कक्षा6, 7 और 8 तथा अंतिम के 4 का मतलब है कक्षा-9, 10, 11 और 12। मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है। रमेश पोखरियाल निशंक अब देश के शिक्षा मंत्री हैं। बोर्ड परीक्षाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन इन्हें ज्ञान आधारित बनाया जाएगा। लॉ और मेडिकल एजुकेशन को छोड़कर अन्य समस्त उच्च शिक्षा के लिए एकल निकाय के रूप में भारत उच्च शिक्षा आयोग यानि HECI का गठन किया जाएगा. अर्थात उच्च शिक्षा के लिए एक सिंगल रेगुलेटर रहेगा. नई शिक्षा नीति में रिपोर्ट कार्ड तैयार करने के तीन हिस्से होंगे. जिसमें पहले बच्चा अपने बारे में स्वयं मूल्यांकन करेगा, दूसरा उसके सहपाठियों से होगा और तीसरा अध्यापक के जरिए। अंडर ग्रेजुएट कोर्स को अब 3 की बजाए 4 साल का कर दिया गया है। छात्र अभी भी 3 साल बाद डिग्री हासिल कर पाएंगे, लेकिन 4 साल का कोर्स करने पर, सिर्फ 1 साल में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की जा सकेंगी. 3 साल की डिग्री उन छात्रों के लिए, जिन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं करना है. कक्षा छः से ही छात्रों को कोडिंग भी पढ़ाई जाएगी, जो कि स्कूली शिक्षा पूरी करने तक उनके कौशल विकास में सहायक होगी। इसके लिए इच्छुक छात्रों को छठवीं कक्षा के बाद से ही इंटर्नशिप करायी जाएगी. म्यूज़िक और आर्ट्स को पाठयक्रम में शामिल किया जायेगा। ग्रेजुएशन कोर्स के तीनों साल को प्रभावी बनाने हेतु उत्तम कदम उठाया गया है जिसके तहत 1 साल बाद सर्टिफिकेट, 2 साल बाद डिप्लोमा और 3 साल बाद डिग्री हासिल की जा सकेगी। ई-पाठ्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक टेक्नोलॉजी फोरम यानि NETF बनाया जा रहा है जिसके लिए वर्चुअल लैब विकसित की जा रहीं हैं। MPhil को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है, अब MA के बाद छात्र सीधे PhD कर पाएंगे। नई शिक्षा नीति में सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु है मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम का लागू होना। इसके तहत 1 साल के बाद पढ़ाई छोडने पर सर्टिफिकेट, दो साल के बाद डिप्लोमा और तीन-चार साल के बाद पढ़ाई छोडने के बाद डिग्री मिल जाएगी। नई शिक्षा नीति 2020 में प्राइवेट यूनिवर्सिटी और गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी के नियम अब एक होंगे। देश में अनुसन्धान को बढ़ावा देने के लिए शीर्ष निकाय के रूप में नेशनल रिसर्च फ़ाउंडेशन (NRF) की स्थापना की जाएगी। यह स्वतंत्र रूप से सरकार के द्वारा, एक बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स द्वारा शासित होगा और बड़े प्रोजेक्टों की फाइनेंसिंग भी करेगा। नई नीति स्कूलों और एचईएस दोनों में बहुभाषावाद को बढ़ावा देती है. राष्ट्रीय पाली संस्थान, फारसी और प्राकृत, भारतीय अनुवाद संस्थान और व्याख्या की स्थापना की जाएगी।



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